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जीना तो पड़ेगा ही

राह पथरीली हो या स्वर्ग से सुंदर चलना तो पड़ेगा ही
जिंदगी कितनी भी मुश्किलों से भरी हो जीना तो पड़ेगा ही।

रोते रोते हंसना है ये तो सीखना पड़ेगा ही
रिश्तों की उलझनों में उलझ कर रिश्तों को बचाना पड़ेगा ही।

चाहे बात कितनी भी बिगड़ जाए

बिगड़ी बातों को बनाना पड़ेगा ही।

दर्द से रिश्ता

अब दर्द का दर्द से रिश्ता बन रहा है।

तेरा यूं नजर चुराना मेरे दर्द का सबब बन रहा है।

दिन हो या रात हो बस तेरी ही बात हो।

डूब के दर्द में दर्द से ही इश्क करने लगा हूं।

ये मेरे दिल का भ्रम है या सचमुच तुम हो।

मेरी बातों का हो सकता है
कोई अर्थ ना हो तेरी नजरों में,

मगर मेरी बातों को मैं या मेरा दिल जानता है।

राहत मिलती नजर नहीं आती अब तो,
रह रह के इक हुक सी उठती है।
जाने कब तक ,जाने कब तक

तेरे लिए चाहतों का गुब्बार सा उठता है,
पर तेरी चाहतें भी तो दर्द देके  जाती है।

लाख अनजान बनू तुझसे,
पर तू है कि दिल का दर्द बन के निकलती है।

रिश्ता

जाने क्या बात थी कुछ दिनों से उसने बात करना तो दूर की बात ,
मेरे तरफ देखना भी बंद कर दी थी।

मैं उसके इस बेरुखी से बहुत परेशान था ,
की मैंने आखिर क्या कह दिया ,
मेरे किस बात ने उसको चोट पंहुचाई है।

जिनको कल तक बात किए बिना चैन ना था, आज वो मेरे तरफ देखते भी नहीं,कई बार मैंने बात करने की कोशिश भी की ,लेकिन
उसने कोई जबाब नहीं दिया।

मेरी दिल की बेचैनी बढ़ती जा रही थी,

मैं रोज इस इंतजार में था कि कब वो आए जो बात हो सके,
इंतजार करते करते एक महीना बीत चुका था।

अब बर्दाश्त से बाहर हो चुका था,
अगले दिन मैं खुद ही उसके घर जाने का निश्चय किया।

उसके घर जाने के बावजूद वो मुझसे बात नहीं कर रही थी,
अंत में हारकर मैं उसके छोटी बहन से मिला और पूछा क्या बात है आपकी बहन उदास क्यों है।

तब उसने बताया कि वो किसी से छुप छुप कर मिलती और बात करती थी,।

मां ने पिताजी को बताया , और मां और पिताजी दोनों ने मिलकर कहा ,क्या कोई मुझसे बढ़ कर हो गया जो मुझसे बिना कहे तू उससे मिलती और बात करती है। या मेरे प्यार में कोई कमी रह गई?

जब तक मेरी बहन कुछ बोलती तब तक गुस्से में आकर मां ने कहा दिया अगर अब बात की या मिली तो मेरा मरा मुंह देखेगी।

उस दिन से वह ना वह उससे बात करती है, और ना ही मिलने जाती है ।
इतना सुन कर मैं वापस आ गया ।

रास्ते भर सोचता रहा कि ,क्या उसका फैसला सही था?

क्या उसके फैसले पर मुझे उसका साथ देना चाहिए?