जीवन है दो पल का
फिर भी कामना अनेकों है
ये तो खेल है जीवन का
कोई जान न पाया है ।
फिक्र है सारे जग की
पर जाने ना ये माया है।
सब करता मेरा मेरा
जो दो पल साया है।
अब बस भी कर दो मानव
क्या तेरा क्या मेरा है?
जीवन है दो पल का,
फिर भी कामना अनेकों है।
ये तो खेल है जीवन का
कोई जान न पाया है ।