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बेजुबान

ना अरमां निकले ना तुफां निकले

जो दिल से निकले बे जुबां निकले।

होशियारी तो बहुत की,

जज्बातों से खेलने की,

जब देखा तो बस आह निकले,

जो दिल से निकले बे जुबां निकले।

रातों की खामोशी ,दिन की बैचैनी

इस दिल के कितने अरमां निकले,

जो दिल से निकले बे जुबां निकले।

गुनाह की खोज में हम खुद गुनहगार हो गए

जख्म ऐसे की दिल बे जुबां हो गए

क्या खोजने गए ,और क्या लेके निकले,

जो दिल से निकले बे जुबां निकले।

अपने पराए को छोड़, इस घर से बे निशां निकले,

छोड़ा जिस जगह को वो जगह ही अपना पता निकले,

ना अरमां निकले ना तुफां निकले

जो दिल से निकले बे जुबां निकले।

चाहत मुकद्दर थी,प्यार संसार था,

आंखों में कम पड़े आंसू, आंसुओ का क्या हिसाब निकले,

जो भी दिल से निकले बे जुबां निकले

इंतजार

इंतजार बस इंतजार तेरा ,
        तू है बस, तू ही है प्यार मेरा।

इस जहां को भी तेरी चाहत है,
        तू आएगी ये वक्त का इशारा है।

आईने सोच सोच संवरे है,
        तेरी आने की जो आहट है।

इंतजार बस इंतजार तेरा,
        तू है बस  तू ही है प्यार मेरा।

अब तो दिन भी रात लगता है,
        तेरी प्यारी मिलन की जो चाहत है।

आओ ना अब आ भी जाओ,
       इस दिल को  ना तरसाओ,
               ना तरसाओ।

बरखा बरस बरस के तुझे बुलाए,
        ये दिल धड़क धड़क तुझे पुकारे।

इंतजार बस इंतजार तेरा,
        तू है बस तू ही है प्यार मेरा ।

जाने किस दुनिया में तू खोई है ,
        मैं तुझे  खोज – खोज बस खोज रहा ।

इंतजार बस इंतजार तेरा,
        तू है बस तू ही है प्यार मेरा।