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मनवीर के दोहे

मैं मुरख अति अज्ञानी,

तुम बिन कौन जाने स्वामी

सत्य की परख सत्य करे,

सत्य को कौन विचार।

सत्य –सत्य में भेद को ,

जाने सत्य आचार।

सेना युद्ध करे रण में,

असली युद्ध तो मन में।

नाच नचावे नटुआ

मन नचावे बटुआ

विचार

दूसरों से तो जीत सकता हूं

पर

अपने मन से कैसे जीतें

जो की

हमारे सारे कमजोरी को जानता है।

************ “मनवीर” *****

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ससुरा कमजोरी तो कमजोरी अपने अंदर की अच्छाई को भी नहीं छोड़ता है,

रह – रह के सब की बैंड बजाता रहता है।

चक्र

ये जन्म मृत्यु खेल ही तो है ,


एक माता के गर्भ से निकलना जन्म है,

तो दूसरे माता के गर्भ में जाना मृत्यु।


सत्य तो ये है ये भटकन कब तक है ये तो ईश्वर ही जाने ।


इस पूरे यात्रा को सब नहीं जान सकता,हम तो बस जन्म के बाद और मृत्यु से पहले की जानकारी रखते है।


बांकी यात्रा की जानकारी कैसे हो?
ये चक्र जो है कैसे टूटे?

(ये चक्र कैसा है जाने कोई
ज्ञानी,
मनवीर चिंता छोड़ के नाम की महिमा गाई)

मनवीर के दोहे

अकल लगा के प्रेम किया
प्रेम समझ ना आए,
प्रेम को जान के प्रेम किया
संसार प्रेममय हो जाय।

सत्य असत्य के फेर उलझा सारा संसार
मनवीर बैठा जानके देखत
सुनत बताए

हमने देखा तुमने देखा
सब नजर नजर का फेर
किसी ने देखा तन को
कोई जाने माया का फेर।

ना बत्ती ना बिछौना
ना धन का कछु होना,
जब उड़ जाए पंछी छोड़ घोसला,
तो किस बात का रोना।

आमद नगद उधारी जीवन
बिन गुरु ज्ञान बेकारी जीवन
खोज मनवीर गुरु को
ज्ञान मिली तर जाई जीवन।

अंधेरे में कछु सुझत नाही
रस्सी से भी घबराई,
गुरु मिले हैं जबसे ,
सब कुछ समझ में आई।

मनवीर के दोहे

आदर सब जगह होत है
ज्ञानी गुनी और संत।

अज्ञानी बन ज्ञान पा संतो के सानिध्य में

विपतकाल जब आएगा,

बिना ज्ञान तू पार ना हो पाएगा।

परमानंद आनंद है संत के संगत में
मनवीर रहा सोवत वहां तो
कैसे मिले परमानंद।

राही ये संसार है रहता है राहों पर,

चलना है तो चलो राही,

ध्यान रहे मंजिल पर।

निज गुण मत बखानिए,

मोल कम होत जात
ज्ञानी जाने सब है,

तू अपने मोल को जान।

रहत फकीरा मस्त है,
चिंता कुछो नाही,

ना जोरण केर चिंता ,जो मिले सो खाय।

कर्म विचार पगु धारिये,

होय सुफल सब काम,

बिना विचारे पगु धरे
काम नाम डुबाए।

कपड़े को कपड़ा पहनाए
बड़े ठाठ से बाहर जाए
अपने को पहचाने नाही
दूसरों की पहचान बताए।

कहे मनवीर सुन रे मन

तेरी अजब है चाल,

मैं बैठा तेरे बगल में,
तू क्यों खेल रचाए।