Category Archives: गीत

किससे कहे

किसको कहे हाले दिल ?

यहां तो सभी हाल बेहाल है।

किससे करे शिकायत ?

यहां शिकायत सबको है।

किसको राजदार बनाए?

सभी को तलाश ए राजदार है।

किससे करूं दुआ की उम्मीद?

दुआ की जरूरत सबको है।

किससे भाईचार ,किससे इंतकाम?

यहां तो सभी का इंतजाम हुए बैठे हैं।

मौत के दरवाजे पे दुश्मनी किससे निभाए?

यहां तो सभी को इंतजार ए मौत है।

ना सुबह की रौशनी रास आई ,

ना रात की चांदनी रास आई,

जब से तेरा दीदार हुआ,

मुझको कुछ नहीं भाई।

किससे कहे हाले दिल ?

यहां तो सभी बेहाल है।

जाने दो

अब छोड़ भी दो जाने दो

हो गई है शाम सनम

कल आऊंगी वादा है

मत कर दीवानापन

वादा

ए मेरे महबूब मेरी दिलरुबा

तेरे आने से रौशन हुई ये जहां है,

क्यों तू जाने की जिद करती है।

तेरे आने के वादे ,कई बार किए तूने,

तू नहीं आती ,तो मेरी जान निकल जाती है

अब छोड़ भी दो जाने दो

हो गई है शाम सनम।

फिर भी तेवर गया नहीं

ना तख्त रहा ना ताज रही,

ना रहा कोई औकात,

फिर भी तेवर गया नहीं।

ना कुर्सी रही ना पद रहा,

ना रहा कोई साथ,

फिर भी तेवर गया नहीं।

ना जवानी रही ना ताकत रहा,

ना रही ओ बात,

फिर भी तेवर गया नहीं।

ना डाली रही ना तना रहा

ना रही फूलों वाली बात,

फिर भी तेवर गया नहीं।

ना दिल रहा ना दिलबर रही,

ना रहा कोई जज्बात ,

फिर भी तेवर गया नहीं।

ना भविष्य रही बस इतिहास रहा,

ना बचा कोई इंतकाम,

फिर भी तेवर गया नहीं।

तेरी भक्ति

तेरी भक्ति करूं तेरी पूजा करूं

तेरे दर आके तेरा दर्शन करूं ।

मेरे मोहन .. मेरे मोहन

तू ही विश्वास है,

तू ही है प्रार्थना,

तुझ में दिल ये लगा के तुझ से प्रेम करूं।

Mohan

तेरी भक्ति …….

तेरे दर आके…..

मेरे मोहन…

तेरी बातें सुनूं,

तेरा ध्यान धरूं

तेरी चरणों में रहकर तेरी सेवा करूं।

तेरी भक्ति…..

तेरे दर आके….

मेरे मोहन…..

दयालु मां

आया हूं तेरी शरण में माता लेके ये आस

पूरी करेगी मेरी मुरादे मन में है विश्वास

मां मेरी मां ओ मां मेरी माता..

तेरी नजरों में रहना मुझको

तुझ से दूर नहीं जाना मां

मैंने सुना है सबसे माता

करती है पूरी सबकी आशा

मां मेरी मां ओ मेरी माता

मां मेरी मां ओ मेरी माता

आया जो भी तेरे दर पे माता

खाली झोली भरके पाता

मैं भी आया तेरे दर पे माता

तेरी चरणों में जगह पाने माता

तू पूरी करेगी मेरी आशा

मां ओ मेरी मां मेरी माता

किसके दर को जाऊं मां

तेरे दर नहीं तो किसके दर को जाऊं मां

एक तेरा सहारा जगजननी,और किसे ध्याऊं मां

तू कल्याणी , तू वरदायनी

तू ही तो है मेरी मां

जगजननी

इक तेरा दर ही मेरा सहारा

और किधर को जाऊं मां

तेरे दर नहीं तो किसके दर को जाऊं मां

तुझको नहीं तो किसको

अपना दर्द सुनाऊं मां

तेरे दर पे आके खड़ा हूं ,

तेरे चरणों में पड़ा हूं।

तेरी मर्जी जो तू चाहे

वर दे या

तू खाली लौटा दे,

तू ना सुनेगी तो कौन सुनेगा

अपना झोली कहां फैलाऊं मां

तेरे दर नहीं तो किसके दर को जाऊं मां

जब हम होते तेरे साथ

होती कई तरह के बात,

ना घायल होते जज्बात,

जब हम होते तेरे साथ,

जब हम होते तेरे साथ।

इसमें ना तेरा हाथ,

फिर क्या करूं बात,

रहता तेरा साथ,

करते दिन रात बात,

सुख दुख में निभाते साथ,

जब हम होते तेरे साथ।

जब हम होते तेरे साथ।

उदास

तू समझती मेरी बात,

मैं समझता तेरी बात,

होते कैसे भी हालात,

हम निभाते एक साथ,

दिन दोपहर या घनेरी रात,

जब हम होते तेरे साथ,

जब हम होते तेरे साथ।

होती कैसी भी बात,

ना करते नजरंदाज,

तेरे कहने से पहले,

समझते तेरे दिल की बात,

जब हम होते तेरे साथ,

जब हम होते तेरे साथ।

वक्त अब इस कदर है बदला,

जैसे लगता है ,ले रहा हो बदला,

ना तू है मेरे साथ ,

किसे बताऊं अपनी जज्बात,

तू वक्त के साथ चली गई,

मैं इंतजार करता रह गया,

अब कैसे भी हो मेरे ख्यालात,

तू ना करेगी मुझसे बात,

मेरे अधूरे सपने,

मेरी अधूरी रात,

जब हम होते तेरे साथ,

जब हम होते तेरे साथ।

दिल तोड़ के

जाओ जाओ ना छोड़ के तुम,

ये मेरा दिल तोड़ के।

क्या है मुश्किल ये मैं जानू,

जाना ना मुझको छोड़ के,

जाओ जाओ ना छोड़ के तुम,

ये मेरा दिल तोड़ के,

तेरे लिए ये दिल धड़के

छोडूंगा न मैं मर के।

जाओ जाओ ना छोड़ के तुम,

ये मेरा दिल तोड़ के।

तुम करो ना वफा,

मैं करूंगा वफा,

तुम अपने वादों से मुकर जाओ,

मैं निभाऊंगा अपना वादा।

जाओ न छोड़ के तुम,

ये मेरा दिल तोड़ के।

गिरगिट

जैसे गिरगिट रंग बदलती है,

वैसे तुम भी रंग बदलती हो।

तेरे रंग तेरे ढंग है बड़े निराले,

ये कितनों को यूं ही मार डाले।

तेरा चलना ,तेरा हंसना,

हाय कयामत ही लाए।

जैसे गिरगिट रंग बदलती है,

वैसे तुम भी रंग बदलती हो।

गिरगिट

बातें किसी से ,किसी से है मिलना,

मुहब्बत किसी से , है दिल किसी का।

कितनों का दिल है तोड़ा ,

कितनों से मुंह मोड़ा,

कैसे वफा निभाती हो।

जैसे गिरगिट रंग बदलती है,

वैसे तुम भी रंग बदलती हो।

दिल

तेरा भोला चेहरा ,

यूं हँस के बात करना,

हर किसी को लुभाती हो।

जब चाहे प्यार करो तुम,

जब चाहे छोड़ देती हो।

जैसे गिरगिट रंग बदलती है,

वैसे तुम भी रंग बदलती हो।

किसका दर्द

किसका दर्द सुनूं मैं,

किसको दर्द सुनाऊं,

सब हैं आंखों के अंधे ,

किसको जख्म दिखाऊं?

कौन है यहां चैन से?

किसे बैचेनी दिखाऊं।

किसका दर्द सुनूं मैं?

किसको दर्द दिखाऊं।

बैचैनी

ना तो कोई हंसता यहां

ना ही कोई खुश है

दुनिया के झमेले में तो

हर आदमी गुम है।

दिन तो बीतता नहीं

कैसे रात बिताऊं?

किसका दर्द सुनूं मैं?

किसको दर्द सुनाऊं?

दर्द

फुरसत नहीं किसी को,

यहां अपनों के लिए,

क्या खाक काम आएगा,

वह दूसरों के लिए,

फुरसत

वक्त नहीं है खुद के लिए,

वह दूसरों को क्या देगा,

किसके दर्द को देखेगा,

किस पर मरहम लगाएगा,

किसका दर्द सुनूं मैं?

किसको दर्द सुनाऊं?

सब आंखों के अंधे,

किसको जख्म दिखाऊं?