मनवीर के दोहे

मैं मुरख अति अज्ञानी,

तुम बिन कौन जाने स्वामी

सत्य की परख सत्य करे,

सत्य को कौन विचार।

सत्य –सत्य में भेद को ,

जाने सत्य आचार।

सेना युद्ध करे रण में,

असली युद्ध तो मन में।

नाच नचावे नटुआ

मन नचावे बटुआ

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