जैसे गिरगिट रंग बदलती है,
वैसे तुम भी रंग बदलती हो।
तेरे रंग तेरे ढंग है बड़े निराले,
ये कितनों को यूं ही मार डाले।
तेरा चलना ,तेरा हंसना,
हाय कयामत ही लाए।
जैसे गिरगिट रंग बदलती है,
वैसे तुम भी रंग बदलती हो।

बातें किसी से ,किसी से है मिलना,
मुहब्बत किसी से , है दिल किसी का।
कितनों का दिल है तोड़ा ,
कितनों से मुंह मोड़ा,
कैसे वफा निभाती हो।
जैसे गिरगिट रंग बदलती है,
वैसे तुम भी रंग बदलती हो।

तेरा भोला चेहरा ,
यूं हँस के बात करना,
हर किसी को लुभाती हो।
जब चाहे प्यार करो तुम,
जब चाहे छोड़ देती हो।
जैसे गिरगिट रंग बदलती है,
वैसे तुम भी रंग बदलती हो।
Girgit ko Kiya hua
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कुछ नहीं
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