यादें

मुझे लगता था तुझे भूलना आसान होगा,

पर अब लगता है ये बोलना आसान था,

तुझे भूलना नहीं।

ये यादें जो मुझे परेशान करती हैं,

ऐसा करके मुझे हैरान करती है।

तुम्हारी बातों का मतलब शायद मैं समझूं,

तेरी बातें समझना मेरे लिए आसान नहीं।

पर तूने जो कहा मुझे याद आती है।

मेरी फितरत है जल्दी भूलने की,

पर तू है जो मुझे भुलाती नहीं।

लाख कोशिश करता हूं।

पर कोशिश रंग लाती नहीं।

तेरा यूं फिक्र करना , मुझे बार–बार सताए

जब तू नही तो मुझको ये फिक्र याद आए।

यादें

One thought on “यादें”

Leave a comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.