क्या कहूं
किस बात की दुहाई दूं
दिल जिगर जान की
या तेरे फरमान की।
क्या कहूं?
किस बात की बधाई दूं
पुराने गहरे जख्म की
या नए बने घाव की।
क्या कहूं?
क्या क्या दर्द दिखाऊं
अपनी आजादी की
या अपनी गुलामी की
क्या कहूं
किस बात की दुहाई दूं
दिल जिगर जान की
या तेरे फरमान की।
क्या कहूं?
किस बात की बधाई दूं
पुराने गहरे जख्म की
या नए बने घाव की।
क्या कहूं?
क्या क्या दर्द दिखाऊं
अपनी आजादी की
या अपनी गुलामी की
Nice
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