कभी बातों का मतलब
कभी ख्यालों का मतलब
वो अक्सर पूछती है।
कभी आवाज बनकर
कभी सांस बनकर
वो अक्सर गूंजती है।
कभी परदे में रहकर
कभी बेपर्दा होकर
वो अक्सर दिखती है।
कभी बातों की मिर्ची
कभी प्रेम का मरहम
वो अक्सर टोकती है।
कभी बातों का मतलब
कभी ख्यालों का मतलब
वो अक्सर पूछती है।
कभी आवाज बनकर
कभी सांस बनकर
वो अक्सर गूंजती है।
कभी परदे में रहकर
कभी बेपर्दा होकर
वो अक्सर दिखती है।
कभी बातों की मिर्ची
कभी प्रेम का मरहम
वो अक्सर टोकती है।
क्या बात। बेहतरीन।👌👌
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Dhnywad
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