क्या खेल रचाया है ,जो तुमसे मिलाया है,
तुमने भी तो क्या, मन भरमाया है।
तेरी नफरत को भी, दिल से लगाया है,
क्या दिल ये बनाया है ,
जो दिल से लगाया है।
ना नजरों से देखी ,ना नजर मिलाया है,
क्या खूब बहाया है ,आंखो में आया है।
क्या खेल रचाया है ,जो तुमसे मिलाया है।

बहुत खूब
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धन्यवाद
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