पागल

इक वो वक्त था और एक ये वक्त है मनवीर
तब भरी रहती थी,अब बचती नही!

जिंदगी का बीता हुआ दौर सबको सुहाना लगता है,

और सब उसको फिर से जीना चाहता है।

गए हुए वक्त को लाने के लिए सब परेशान रहते हैं,

इसीलिए तो मेरे दोस्त पागल समझते है।


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