आजादी

इस फरेबी संसार से तू
ऐसे मत जुड़ जाना

जब आए तेरी आजादी
उड़ना मत भूल जाना।
जिन्दगी की इस दौड़ में

संतुलन बनाए रखना ,या बड़ा बनके

खुद को खुदा मत समझना,
जब आए तेरी आजादी

उड़ना मत भूल जाना।


आग भी राख होती है ,

जिन्दगी के भी शाख होते है,
शाखों में उलझ कर खुद को हराभरा न समझना।


जब आए तेरी आजादी

उड़ना मत भूल जाना।


तेरा किरदार तुझे निभाना है
ये जीवन को जी के जाना है,


अपने किरदार में खुद को ना भूल जाना,
जब आए तेरी आजादी

उड़ना मत भूल जाना।
ये जीवन का पहेली ,

उलझाना इस का काम।
इस जीवन के पहेली में

तुम ना उलझ जाना,
जब आए तेरी आजादी

उड़ना मत भूल जाना

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