दिल चाहता है

मैं सोचता हूं कुछ लिखूं तेरे बारे में
ये दिल है कि छुपाने को कहता है।

मैं चाहता हूं कि चिल्ला के कहूं सबसे
ये दिल है कि चुप रहने को कहता है।

मैं चाहता हूं हल्का हो दिल के बोझ
ये दिल है कि बोझ ढोने को कहता है।

मैं चाहता हूं ये गम और प्यार का इजहार करुं
ये दिल है कि दिल ही दिल में दबाने को कहता है।

मैं चाहता हूं युद्ध विराम करूं दिल का
ये दिल है कि घमासान चाहता है।

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