गुजर जाता है।

वक्त कैसा भी हो,

कुछ पल में गुजर जाता है।
जख्म कैसा भी हो ,

वक्त हर जख्म को भर देता है

मर्ज कैसा भी हो,

वक्त हर दर्द को हर लेता है।

नादानी कितनी भी हो,

वक्त हर चीज सीखा देती है।

वक्त कैसा भी हो,

कुछ पल में गुजर जाता है।

दिल के दर्द हो चाहे हो कोई बेरुखी,

वक्त हर लम्हा छुपा लेता है ।

वक्त कैसा भी हो,

कुछ पल में गुजर जाता है।

इंतजार कैसा भी हो ,

वक्त हर चीज मिला देता है।

वक्त कैसा भी हो ,

कुछ पल में गुजर जाता है।

रात कैसा भी हो,

वक्त हर रात की सुबह लाता है।

दाग़ कितने भी हो,

वक्त हर दाग़ मिटा देता है।

वक्त कैसा भी हो,

कुछ पल में गुजर जाता है।

जिन्दगी में हो चाहे लाखों तुफां,

वक्त हर तुफां दबा देता है।

जख्म कैसा भी हो,

वक्त हर जख्म भर देता है

समय के नदी हर चीज बहा ले जाती है।

वक्त कैसा भी हो,

कुछ पल में गुजर जाता है ।

10 thoughts on “गुजर जाता है।”

Leave a reply to Beingcreative Cancel reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.