तू डर मत,
निडर बन
तू फैलता प्रकाश है ,आगोश में ले संसार को।

तू धैर्य रख,
तू शोर्य रख,
अज्ञान को तू छोड़ कर,तू परम ज्ञानवान बन।
तू सत्य बन,तू शान बन,
वक्त के तू साथ चल, आलस्य को त्यागकर।

तू अनंत बन ,
तू संत बन,
ले हाथ में मशाल तू अंधेरा के पार चल।

कर्म कर ,
कर्म वीर बन,
तू बेसहारों का सहारा बन, अपना – पराया न जान कर।

तू राही बन ,
सत्य के राह पर,
चलना सीखा तू सबको , सत्य के राह पर।
तू निशक्तों का शक्त बन,
तू देशभक्त बन,
तू डर मत ,
निडर बन।
तू अज्ञानी का ज्ञान बन, तू सत्य का प्रकाश बन।