आजादी तो आजादी होती है दोस्तों
मगर जिसने संस्कार में गुलामी पाया हो
उसके लिए आजादी क्या ?
आजादी के परवाने आजादी के लिए क्या कर नहीं गुजरते,
लेकिन जो जन्म से ही बंधा हो, उसके लिए आजादी क्या ?
अक्सर इस दुनिया में बिरले ही मिलते हैं आजाद,
जो जान बूझ कर बंधन में बंधे हैं,
उसके लिए आजादी क्या ?