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कौन हूं मैं ?

कौन हूं मैं मुझे किसकी तलाश है?


दिन है रात है ,

दिल में जज़्बात है,

फिर भी न जाने क्यों ?


कौन हूं मैं मुझे किसकी तलाश है?


रिश्ते हैं नाते है ,

और प्यार पाते हैं,

फिर भी ना जाने क्यों,


कौन हूं मैं मुझे किसकी तलाश है?


जानी अनजानी राहें है,


सपने ढेर सारे है।


फिर भी ना जाने क्यों?


कौन हूं मैं मुझे किसकी तलाश है?


मृत्यु है अमरता है,

प्रेम है समरसता है।


फिर भी ना जाने क्यों?


कौन हूं मैं मुझे किसकी तलाश है।


अंत है अनंत है, देव है संत है।


जड़ है चेतन है और आनंद है।


फिर भी ना जाने क्यों?


कौन हूं मैं मुझे किसकी तलाश है?