Tag Archives: तेरे ही दर पे आके खड़ा हूं

जाऊं कहां

तेरा ही दर है मेरा ठिकाना,

तेरे दर न आऊं ,

तो मैं जाऊं कहां?

किससे करूं मैं फरियाद?

किसको सुनाऊं मैं ये बात?

तेरे दर न आऊं ,

तो मैं जाऊं कहां?

नजर में ही रखना ,

नजर ना हटाना,

तेरी नजरों से दूर,

मैं जाऊं कहां?

तेरे दर न आऊं ,

तो मैं जाऊं कहां?

तेरे ही कारण,

जिंदा खड़ा हूं,

तेरे ही दर पे आके पड़ा हूं

तेरे दर न आऊं ,

तो मैं जाऊं कहां?

तेरे दर न आऊं,

तो मैं जाऊं कहां?