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जाने क्यों ?

जाने क्यों?

जाने क्यों ,न जाने क्यों
जीत के भी हार जाता हूं ,मैं
और हार के भी जीत जाता है तू,

ये मेरी फितरत है जीत कर हारने की,

या तेरी चाल है हार कर जितने की।