Tag Archives: कोई अनजान बे –सहरों की लाठी बन जाए

नजर आती है बात

नजर आती है बात

जब कोई बात दिल को छू ले,

नजर आती है बात।

जब किसी की बात झगड़े करवाए,

नजर आती है बात।

झगड़े

जब किसी की बात से टूटते रिश्ते जुड़ जाए ,

नजर आती है बात।

रिश्ते

जब कोई बातों का मतलब समझाए,

नजर आती है बात।

जब कोई बच्चा तोतली आवाज में ,

तुझे आवाज लगाए ,

Child

नजर आती है बात।

कठिन राहों में कोई हमसफर दे आवाज,

नजर आती है बात।

डूबते को तिनके का सहारा बन जब बढ़ाता कोई हाथ,

नजर आती है बात।

कराहते दर्द में सिर पे फेरे कोई हाथ,

नजर आती है बात।

दर्द

कोई अनजान बे – सहारों की लाठी बन जाए,

नजर आती है बात।

तूफान भरी समंदर में किनारा लग जाए नाव,

नजर आती है बात।

तूफान