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जरूरत

जिधर देखो उधर जरूरतमंद है

किसी को इसकी जरूरत ,

किसी को उसकी जरूरत है।

किसी को दिन की जरूरत,

किसी को रात की जरूरत,

जिधर देखो उधर जरूरतमंद है ।

किसी को धन की जरूरत है,

किसी को तन की जरूरत है।

किसी को साथ की जरूरत है

किसी को बात की जरूरत है।

जिधर देखो उधर जरूरतमंद है।

किसी को प्यार की जरूरत है,

किसी को यार की जरूरत है।

किसी को धन अंबार की जरूरत है,

किसी को रोटी की जरूरत है,

जिधर देखो उधर जरूरत मंद है।

किसी को घर की जरूरत है,

किसी को शहर की जरूरत है।

किसी को पानी की जरूरत है,

किसी को वाणी की जरूरत है।

किसी को तन्हाई की जरूरत है,

किसी को महफिल की जरूरत है।

जिधर देखो उधर जरूरतमंद है।

भिखारियों की इस जहां में दाता कहां खोजे

जहां हर एक भिखारी अपने को दाता कहता है।