हर हार के बाद.. तेरी जीत अभी बांकी है.. अभी बांकी है..
क्योंकि उम्मीद अभी बांकी है..
उम्मीद अभी बांकी है..
रात गहरी हो कितनी भी ..पर तेरी सुबह … अभी बांकी है ..
सुबह अभी बांकी है..
दर्द सहे है कितने तुमने…
कितने तुमने ..
उन दर्दों का हिसाब अभी बांकी है..
हिसाब अभी बांकी है..
क्योंकि उम्मीद अभी बांकी है..
उम्मीद अभी बांकी है..
तूने सजाए कई सपने है ..
कई सपने है..
इन सपने को पूरा करना बांकी है..
अभी बांकी है..
क्योंकि उम्मीद अभी बांकी है..
उम्मीद अभी बांकी है..