Tag Archives: इंतजार

इंतजार

मैं पढूंगा तब खाऊंगा,


नहीं बेटा पहले खा ले फिर पढ़ना।


नहीं मैं पढूंगा तब खाऊंगा।


नहीं बेटा रात बहुत हो गई है

तू खाना खा ले फिर मन लगा के पढ़ना,


नहीं मां मुझे अभी और पढ़ना है ,

तू खाना खा ले , मैं खा लूंगा ,

नहीं बेटा मैं इंतजार करूंगी, तू पढ़,


बच्चे के जिद के आगे मां की एक ना चली,


मां बैठ कर इंतजार करने लगी,

समय बीतता रहा ,रात गहराने लगी, लेकिन बच्चा पढ़ाई छोड़ नही रहा था,


और मां बिना खाए बैठी इंतजार कर रही है……….


समय गुजरा बच्चा बड़ा हुआ ,


अब उसके पास सारे ऐशोआराम है ,

पर आज भी मां फोन पे बेटा कब आएगा ,


मां मैं आ जाऊंगा तू खा ले,


नहीं बेटा तू जल्दी आ खाने का समय हो गया ,

नहीं मां अभी मैं बहुत जरूरी काम कर रहा हूं,

तू खा ले ,नहीं बेटा तू आ ,

मैं इंतजार कर रही हूं……

इंतजार

इंतजार बस इंतजार तेरा ,
        तू है बस, तू ही है प्यार मेरा।

इस जहां को भी तेरी चाहत है,
        तू आएगी ये वक्त का इशारा है।

आईने सोच सोच संवरे है,
        तेरी आने की जो आहट है।

इंतजार बस इंतजार तेरा,
        तू है बस  तू ही है प्यार मेरा।

अब तो दिन भी रात लगता है,
        तेरी प्यारी मिलन की जो चाहत है।

आओ ना अब आ भी जाओ,
       इस दिल को  ना तरसाओ,
               ना तरसाओ।

बरखा बरस बरस के तुझे बुलाए,
        ये दिल धड़क धड़क तुझे पुकारे।

इंतजार बस इंतजार तेरा,
        तू है बस तू ही है प्यार मेरा ।

जाने किस दुनिया में तू खोई है ,
        मैं तुझे  खोज – खोज बस खोज रहा ।

इंतजार बस इंतजार तेरा,
        तू है बस तू ही है प्यार मेरा।

इंतजार

तेरा इंतजार करते करते ही तो मेरा वक्त गुजरता है

तेरे बेसब्र नयनों ने कभी देखे हैं रास्ते जिनके,
उनके घावों पर मरहम भी नहीं,

क्या अब इंतजार का हक भी नहीं मुझको।

अब आग भी धधक के बुझने वाले है,
क्या अंतिम दीदार भी नहीं मुझको।

यूं तो बेरुखी की भी हद होती है,
तो क्या अब प्यार नहीं मुझसे।

तेरे बातों के ग़ज़ल ने क्या समा था बांधा,
तो क्या अब ग़ज़ल सुनने के काबिल भी नहीं।

वक्त के अंतिम हाशिए पर हूं,

तो क्या अब हाले खबर भी नहीं मेरी।

तेरा इंतजार करते करते ही मेरा वक्त गुजरता है।