किस बात का अभिमान?
तेरी शानों शौकत का ,
या तेरी औकात का,
इस बात का अभिमान!

या तेरी अमरता का ,
या तेरी चंचलता का,
इस बात का अभिमान!
जरा सोच क्या तेरा है,
तेरी जिंदगी को मौत ने घेरा है।
तेरी धन– संपत्ति ,
क्या तेरे साथ जायेगा?
फिर किस बात का अभिमान?
तूने जो है नाम कमाया है,
तूने जो जमा की माया है,
या तूने पाया सुंदर काया है
इस बात का अभिमान !

कब तक तेरा नाम रहेगा ?
तेरी माया कब तक टिकेगा ?
तेरी सुंदर काया तो कुछ पल का है साया ।
किस बात का अभिमान?

सब मिट्टी तो होना है,
क्या पाना क्या खोना है?
तेरी जिंदगी तो बस उसका खिलौना है।
किस बात का अभिमान ?


