Category Archives: गीत

नाराजगी

किस बात से नाराजगी है?

किस बात का मलाल है?

क्या हो गया है आपको?

क्यूं खफा खफा से लगते हो ?

क्या राज है जो आम है ?

क्यों तन्हा तन्हा बैठे हो ?

किस बात से नाराजगी है?

किस बात का मलाल है?

नाराजगी

क्या प्यार में धोखा मिला?

या प्यार में धोखा दिया आपने

कितना प्यार था,कितनी मुहब्बत थी?

सब भूल कर ये क्या कर लिया?

किस बात की शर्मिंदगी है?

किस बात का बबाल है?

क्या दर्द है,क्या सवाल है?

किस बात से नाराजगी है?

किस बात का मलाल है ?

सबक

दिल ने सीखा नहीं सबक प्यार का

इतना दर्द मिला ,तकलीफ मिली,

दिल फिर भी उस ओर चला

मौका जब भी मिला तूने धोखा दिया,

दिल फिर भी न माने मैं करूं भी तो क्या

तुझ से उम्मीद की मैने वफा की सनम

तूने मतलब निकाला ओ मतलबी सनम,

दिल ने सीखा नहीं सबक प्यार का

इतना दर्द मिला ,तकलीफ मिली

मेरे जीने के सहारे

आजा तुझको पुकारे आजा,

मेरे जीने के सहारे आजा।

दिल मेरा तुझे पुकारे आजा,

तेरी लिए ये दिल धड़के,

मेरी आंखे रिमझिम बरसे,

आंखे

आजा तुझको पुकारे आजा..

मेरे जीने के सहारे आजा।

लाख दुहाई दूं दिल का,

तू ना समझे मुश्किल दिल का,

रात अंधेरी काली घटाएं,

मुझको सताए तेरी यादें,

तू ना समझे किसे समझाऊं

कौन है अपना किसे मनाऊं,

आजा तुझको पुकारे आजा,

मेरे जीने के सहारे आजा!

कैसे मनाऊं तुझे कैसे बुलाऊं,

किसको दिल का हाल सुनाऊं,

गम ए जुदाई कौन सुनेगा,

किससे मैं फरियाद लगाऊं,

आजा तुझको पुकारे ,

मेरे जीने के सहारे आजा..

आजा मेरी अधूरी चाहत आजा..

मेरे जीने के सहारे आजा…

जाऊं कहां

तेरा ही दर है मेरा ठिकाना,

तेरे दर न आऊं ,

तो मैं जाऊं कहां?

किससे करूं मैं फरियाद?

किसको सुनाऊं मैं ये बात?

तेरे दर न आऊं ,

तो मैं जाऊं कहां?

नजर में ही रखना ,

नजर ना हटाना,

तेरी नजरों से दूर,

मैं जाऊं कहां?

तेरे दर न आऊं ,

तो मैं जाऊं कहां?

तेरे ही कारण,

जिंदा खड़ा हूं,

तेरे ही दर पे आके पड़ा हूं

तेरे दर न आऊं ,

तो मैं जाऊं कहां?

तेरे दर न आऊं,

तो मैं जाऊं कहां?

राह दिखाओ ना

राह दिखाओ ना

प्रभु मोरे, राह दिखाओ ना।

तुम सा कोई पथिक नहीं है,

सत्य राह दिखाओ ना,

प्रभु मोरे, राह दिखाओ ना।

तुम सा कोई तेज नहीं है

मेरो अंधेरा मिटाओ ना,

प्रभु मोरे, राह दिखाओ ना।

तुम बिन कोई ना विघ्नहर्ता नहीं है

मेरो विघ्न मिटाओ ना,

प्रभु मोरे, राह दिखाओ ना।

विघ्नहर्ता

तुम सा नहीं कोई अंतर्यामी है

मेरो कष्ट मिटाओ ना,

प्रभु मोरे, राह दिखाओ ना।

तुम बिन मेरो जग सुना– सुना है,

प्रभु मेरो आ भी जाओ ना,

प्रभु मोरे, राह दिखाओ ना।

करने वाला कोई और है

मैं करता हूं ,मैं करता हूं

कर्ता कुछ करता नहीं

तू भरम मत पाल बंदे,

करने वाला कोई और,

तेरा करनी ना तेरा है

तू माटी का पुतला है

जैसे रचे हैं खेल विधाता

वैसा ही तू नाचेगा।

पुतला

जो लिखा तेरी किस्मत में

उससे कम ना पायेगा।

तेरी सोच की तू करे है

नेकी का फल पायेगा।

कर्म करे तू अच्छा अच्छा

फल का करे ना चिंता

ईश्वर पर रख भरोसा

तुझको सही राह दिखाएगा

तू भरम मत पाल बंदे

करने वाला कोई और है

तू ही मेरा प्यार

तू दिल तू ही धड़कन

तू ही मेरी जान है।

तुझ से ही मेरा प्यार शुरू है,

तुझपे ही खतम है।

हो. हो.. हो ..हो ..हो ..हो ..हो….

तुझ से है रात की चांदनी,

तुझ से ही सुबह है,

तुझ से मेरा प्यार शुरू है

तुझ पे ही खतम है।

चांदनी

तेरे बिन तो सब सुना है,

तू ही मेरा जहान है,

दिल ,जिगर जान क्या,

तुझ पे सब कुर्बान है।

तुझ से ही मेरा प्यार शुरू है

तुझ पे ही खतम है।

हो. हो.. हो ..हो ..हो ..हो ..हो….

अब ना होगा इंतजार

अब ना होगा मुझसे सनम तेरा इंतजार

सनम तू नहीं तो कोई नहीं।

कब तक रहूंगा मैं तन्हा –तन्हा,

कब तक करूं इंतजार।

अब ना होगा मुझसे सनम तेरा इंतजार।

तन्हा

तेरे लिए मैंने सपने सजाए,

तू ही रहेगा मेरा प्यार,

अब ना होगा मुझसे सनम तेरा इंतजार।

राह मैं देखूं तेरे आने की,

कब तू आएगा मेरे यार,

अब ना होगा मुझसे सनम तेरा इंतजार।

बिनती मेरी तुझसे है

जब–जब जनम लें श्याम

हर बार मिले मुझे तू

मेरे सांवरे सलोने श्याम

बिनती मेरी तूझसे है।

मेरा हाथ पकड़ लो श्याम

मुझे पार लगाओ न

बिनती मेरी तुझसे है।

बिनती मेरी तुझसे है

डर–डर के मैं जीता हूं,

मेरे डर को मिटाओ न,

बिनती मेरी तुझसे है।

इस भव सागर में मोहन

तू ही साथ निभाओगे।

बिनती मेरी तुझसे है।

मेरे जीने के सहारे हो,

तुम मुझको प्यारे हो,

बिनती मेरी तुझसे है।

दुखियों के सहारे हो,

तुम दीनदयाल हो,

बिनती मेरी तुझसे है।

बेटा तुमसे ना होगा

बेटा तुम से ना होगा

जितनी तेरी उमर है,

उससे ज्यादा तो मेरी कमर है।

जितने तूने देखें हैं,

उतने मैं रोज गिनता हूं।

बेटा तुमसे ना होगा।

मत जोर आजमा अकेला जानकर ,

बाप हूं तेरा ये चलो मानकर

बेटा तुमसे ना होगा।

तू लोटा भर पानी है

तेरे सामने समंदर है,

तू जितना सोचेगा ,

उतना ही डूबेगा,

बेटा तुमसे ना होगा।

समुंद्र

तू जिस कॉलेज में पढ़ता है,

उधर का तो मैं प्रिंसिपल था,

बेटा तुमसे ना होगा।

जिधर जाने से सपने में भी तू डरता है,

बेटे अपुन उधर तो ही रहता है।

बेटा जितना तू पीता है,

उतना से मैं मुंह धोता हूं।

बेटे तुमसे ना होगा