तेरे दर नहीं तो किसके दर को जाऊं मां
एक तेरा सहारा जगजननी,और किसे ध्याऊं मां
तू कल्याणी , तू वरदायनी
तू ही तो है मेरी मां

इक तेरा दर ही मेरा सहारा
और किधर को जाऊं मां
तेरे दर नहीं तो किसके दर को जाऊं मां
तुझको नहीं तो किसको
अपना दर्द सुनाऊं मां
तेरे दर पे आके खड़ा हूं ,
तेरे चरणों में पड़ा हूं।
तेरी मर्जी जो तू चाहे
वर दे या
तू खाली लौटा दे,
तू ना सुनेगी तो कौन सुनेगा
अपना झोली कहां फैलाऊं मां
तेरे दर नहीं तो किसके दर को जाऊं मां