रुक रुक के ना देख पीछे
यूं अतीत को ना याद कर
सोच –सोच के यूं वक्त। ना बरबाद कर।
ना लौट के आया है, ना लौट के आएगा,
याद करके तू, चाहे रोता रह जायेगा।
तू सिख ले अतीत से ,
वर्तमान को सुंदर बना।

वक्त के फितरत से, सिख तू चलना जरा,
रोक न बढ़ते कदम को,अतीत को देख कर।
वर्तमान के सुंदर पल को, जी ले तू हँस कर।