तेरी माया

है तेरा करम सब तेरी रहम
तूने रचाई कैसी है माया ,

जो देखे तुझे ना कुछ आए नजर
है कैसी ये अंधेरी माया,

सब ओर है तू सब में है,

दिखता नहीं तू क्या नभ में है ,

कैसे खोजूं तुझे ,कैसे पाऊं तुझे
तूने कैसा ये जाल बिछाया।

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