चाहत

अब आसमां की चाहत भी पूरी हो गई,

अब आसमां की चाहत भी पूरी हो गई,
उस देखना था जो ये हंसी जहां।
उसके किस्मत में था हर दिन दीदार लिखा,
लेकिन तूने तो उसे उसके किस्मत से दूर कर दिया।अब जाके इक बार फिर से उस की दुआ रंग लाई
अब जाके इक बार फिर से उस की दुआ रंग लाई ।जिसने तेरे चेहरे की रंगत उड़ाई
तू अब कैद में है और वो मौज में है।
तेरी लालसा ही तेरा काल बन गया है,
और तू देख इस जहां को कितनी बेहतरीन बन गई है।
जिसके चेहरे पर कभी झुर्रियां थी
वही अब कितनी हसीन बन गई है।
रात का दीदार ना रात को होता था,
रात के वो तारे जिन्हें सब भूल सा गए थे,
आज अचानक प्रकट हो गए है।
जिनकी आवाज सुनने को कान तरस गए थे,
आज उनकी आवाज सब सुन रहे है।
आज अधूरी ख्वाहिशें पूरी हो रही है,
जो समझ रहे थे कल तक अपने आपको खुदा !
आज वो भी सहम रहें है,
आज वो भी सहम रहें है।अब जाके इक बार फिर से उस की दुआ रंग लाई,अब जाके इक बार फिर से उस की दुआ रंग लाई।

मत देख इधर

मत देख इधर
मत देख इधर ए वक्त सफर
मैं तेरे साथ ही तो हूं।
तू वक्त का दरिया है और मैं नाव ही तो हूं।
तेरे साथ ही मेरी जिंदगी है ,तेरे बिना तो मैं कुछ भी नहीं।
तुमको लगता है मैं किनारे से निकल जाऊंगा,
जब की तेरे बिना मेरा कोई अस्तित्व नहीं।
मत देख इधर ए वक्त सफर,
मैं तेरे साथ ही तो हूं।
जब तुमको लगता है मैं तेरे से आगे निकल जाऊंगा,
तो ऐसा है की मैं आगे जाकर भी कहां जाऊंगा।
मुझको रहना है, तेरे साथ ही
क्योंकि तू है, तो मैं हूं।
मत देख इधर ए वक्त सफर
मैं तेरे साथ ही तो हूं।
तेरे अंत खोजने में में खुद अंत हो जाता हूं,
इसलिए तो तेरे इस अंतहीन यात्रा पर खुद को तुझ से घिरा पाता हूं।
तेरे से मैं अलग नहीं ,ना कभी अलग हो पाता हूं।
मत देख इधर ए वक्त सफर
मैं तेरे साथ ही तो हूं।
लोग कहते हैं हमेशा वक्त के साथ चल,लेकिन कौन है वो जो बिना वक्त के चलता है।
वक्त वो दरिया है जिसमें सबको बहना है ,इसी के साथ तो मिलती है सबको मंजिलें।
और जो कहता है कि वक्त से हमेशा आगे रह,
तो क्या आगे वक्त नहीं ।
मत देख इधर ए वक्त सफर
मैं तेरे साथ ही तो हूं।

5 thoughts on “चाहत”

  1. वक़्त यकीनन सबसे बड़ा और बलवान है, यही घाव देता है यही मरहम, आपने बहुत सुंदर शब्दों में वक्त को पिरोया है 👌👌

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